
सदभावना मंच सदस्यों ने आदि गुरु शंकराचार्य को किया श्रद्धापूर्वक नमन।
खंडवा। सदभावना मंच कार्यालय में आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर पुष्पाजंली अर्पित की गयी। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस मौके पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने आदि शंकराचार्य को नमन करते हुए उनके अद्वैत वेदांत और आध्यात्मिक विचारों को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि आज 8 वीं शताब्दी के महानता दार्शनिक और अद्वैत वेदांत के प्रणेता आदि शंकराचार्य का 1238 वाँ जन्मोत्सव है। जिन्होंने मात्र 8 वर्ष की आयु में वेदों का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। उन्होंने सनातन धर्म को पुनर्जीवित किया, देश के चार कोनों में मठ स्थापित किए और 32 वर्ष की आयु में ज्ञान व उपनिषदों का प्रसार कर अमर हो गए। उनका दार्शनिक मत था कि”ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है, शेष संसार माया है”। उन्होंने ‘भज गोविंदम’ और कई स्तोत्रों की रचना की। इस अवसर पर संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंदपाल तोमर, डॉ.जगदीशचंद्र चौरे, सुरेन्द्र गीते, सुरेन्द्र सोहनी, गणेश भावसार, अजय मंडलोई, जीडी सराफ, एनके दवे, राधेश्याम शाक्य, निर्मल मंगवानी, ललीत चौरे, अशोक जैन, सतीष मुदिराज, विजया दिवेदी, सुभाष मीणा, कैंलाश पटेल आदि व्दारा मंच सदस्यों ने आदि गुरु शंकराचार्य के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन किया।







